
जयपुर: जी-20 का हिस्सा बना सिविल-20 इंडिया, जिसका कारवां 20 मार्च को नागपुर से शुरू हुआ था और अपने अंतिम पड़ाव पर जयपुर में आ गया है। 29 जुलाई से 31 जुलाई तक इसके कार्यक्रम होंगे। शनिवार को पहले दिन देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और माता अमृतानंदमयी जी ने अपने कुछ प्रमुख सहयोगियों के साथ मिलके जयपुर के होटल आमेर क्लार्क में इसका औपचारिक शुभारंभ किया। सी-20 समिट का ये अंतिम पड़ाव जरूर है, लेकिन सी-20 का मकसद कुछ नया सृजित करना है, जिसमें सभी लोग सफल होते दिख रहे हैं। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अम्मा के संबोधन के अलावा स्वामी अमृतास्वरूपनंदा पुरी, Troika, सी-20, विजय कुमार नंबियार, शेरपा, सी-20, श्री एम, सदस्य, कोर कमिटी, सी-20, फेड्रिको सलास, अंबेसडर, मैक्सिको, विनय सहस्रबुद्धे, प्रसीडेंट, इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस ने भी विशेष तौर पर संबोधित किया।

कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में सिविव-20 का मकसद लोगों को समझाया। साथ ही जी-20 की मेजबानी कर रहा भारत कैसे आगे बढ़ रहा है और भारत की प्रगति में अम्मा, उनकी संस्था और संस्था से जुड़े लोग कैसे भारत की प्रगति में साथ दे रहे हैं, ये भी रक्षा मंत्री ने बताया। आज देश की आर्थिक, सामाजिक, सामरिक ताकत कैसे बढ़ रही है, कैसे प्रगतिशील होकर भारत सिविल सोसाइटीज़ को मजबूत करते हुए अपने कदम आगे बढ़ा रहा है, ये भी बातें रक्षा मंत्री ने कहीं।
मां अमृतानंदनयी जी ने अपने संबोधन में समाज की कई समस्याओं का जिक्र किया साथ ही उनको संस्था द्वारा कैसे दूर किया जा सकता है, वो भी लोगों के सामने रखा। अम्मा ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए पेंशन स्कीम शुरू की गई। गरीबों को पक्के मकान बनाकर दिए गए। महिलाओं के लिए अमृता श्री स्वयं सहायता समूह की नींव रखी गई, लघु उद्योग शुरू करने में ऋण की व्यवस्था की गई।

छात्र युवा पीढ़ी हैं, उनको सही मार्गदर्शन चाहिए, उन्हें समझाना पड़ेगा। अम्मा ने अपनी इस बात को लेकर एक उदाहरण भी दिया उन्होंने कहा कि एक बार उनके पास कुछ छात्र आए और कहने लगे कि कॉलेज में यूनिफॉर्म हटा दी जाए, मैंने उन्हें समझाया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य संस्कृति का विकास है, यदि छात्रों की सही तरीके से समझाया जाए तो उनके स्वभाव में परिवर्तन संभव है।
महिला सशक्तिकरण, सलैंगिकता पर आज पूरे विश्व में चर्चा हो रही है। हमें सही दिशा में आगे बढ़ना होगा। आर्थिक रूप से कमजोर, पिछड़े क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं का सारा खर्च सरकार को वहन करना चाहिए। हमें अपने समाज को मजबूत बनाना है, उसका पतन नहीं करना। इसके लिए जो सही है, हमें वो करना पड़ेगा।
इस दौरान सभी वक्ताओं ने सिविल सोसाइटीज़ को मजबूत करने पर जोर दिया। इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस के प्रसीडेंट विनय सहस्रबुद्धे ने तो कहा कि सिविल सोसाइटी को मजबूत करने के लिए हमें अपने आचरण को और बेहतर बनाना होगा।
उन्होंने इस मौके पर ‘आचरणम’ पुस्तिका का विमोचन भी अम्मा के हाथों करवाया, इस पुस्तिका में मनुष्य आचरण की 108 सूक्तियां दी गई हैं। जो 108 मंत्र है, अपने आचरण में बेहतरीन बदलाव लाने के।
सी-20 के ये कार्यक्रम 29-31 जुलाई 2023 तक जयपुर में चलेंगे। शनिवार को अपने शुभारंभ के साथ एक सार्थक विमर्श और चर्चा के बीच कार्यक्रम आगे बढ़ता रहा।





