
पीएम के कार्यक्रम में गहलोत का भाषण कटने के बाद दोनों के बीच ट्वीटर पर खूब वार हुआ… उसके बाद अपने-अपने मंच से दोनों ने एक दूसरे को खूब घेरा
सीकर: पीएम मोदी गुरुवार को सीकर पहुंचे। यहां आयोजति किसान सम्मेलन में शिरकत करते हुए प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रयासों को गिनाया। पीएम ने कहा बीते 9 सालों में केंद्र सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर किया है साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी भी दी है। पीएम ने कहा कि देशवासियों को अच्छी सुविधाएं देकर केंद्र सरकार ने असली गारंटी दी है। इस साल के अंत में सूबे में चुनाव है, तो ऐसे मौके पर गहलोत सरकार को घेरने का मौका प्रधानमंत्री कैसे छोड़ते। उन्होंने लाल डायरी का नाम लेते हुए कांग्रेस का डिब्बा गोल हो जाने की बात कह दी।
पीएम ने कहा कि जब किसान का विकास होगा तो गांव का विकास होगा और गांवों का विकास होने से ही देश का विकास होगा। पीएम मोदी ने देश के करोड़ों किसानों को सम्मान निधि के लगभग 18000 करोड रुपए ट्रांसफर किए। साथ ही देश में 1 लाख 25, 000 पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की शुरुआत भी की। गांव और ब्लॉक लेवल पर बने पीएम किसान समृद्धि केंद्रों से करोड़ों किसानों को सीधा लाभ होगा। इसी तरह डेढ़ हजार से ज्यादा एफपीओ के लिए किसानों के लिए ओपन नेटवर्क और डिजिटल कॉमर्स यानी ओएनडीसी का लोकार्पण भी किया। अब देश के किसी भी कोने में बैठे किसान अपनी उपज को बाजार तक आसानी से पहुंचा पाएंगे।
पीएम ने कोरोना का जिक्र करते हुए कहा कि भयंकर महामारी आई, उसके बाद रूस और यूक्रेन का युद्ध हो गया, इस वजह से वैश्विक बाजार संकट आया। खास तौर पर फ़र्टिलाइज़र के क्षेत्र में तूफान मच गया, लेकिन इसका असर हमने किसानों पर नहीं पड़ने दिया। पीएम ने किसानों को एक सच्चाई बताई कि भारत में किसानों को 266 रुपए में यूरिया का बोरा मिलता है। वही बोरा पाकिस्तान में 800 रुपए में मिलता है। बांग्लादेश 720 रुपए में मिल रहा है। अमेरिका में किसान एक बोरे पर 3 हजार रुपए खर्च करता है। यह सच्चाई है और देश जानता है कि यही मोदी की गारंटी है।
पीएम मोदी ने ये भी कहा कि एक समय था जब देश की एक बड़ी आबादी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित थी। करोड़ों लोग किस्मत के भरोसे जीवन जीते थे। ये कहा जाने लगा था कि अच्छे अस्पताल बस दिल्ली, जयपुर जैसे बड़े शहरों में ही खुल सकते हैं। लेकिन हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदल दिया। देश के हर हिस्से में नए एम्स खुल रहे हैं। नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। आज ही पीएम ने वर्चुअल माध्यम से बूंदी में बने मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया। पीएम ने कहा कि देश में आज मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 700 से पार हो गई है। 8-9 साल पहले राजस्थान में सिर्फ 10 मेडिकल कॉलेज थे। आज राजस्थान में इनकी संख्या 35 हो गई है। इससे लोगों को स्थानीय स्तर पर ही अच्छे इलाज की सुविधा मिल रही रही है, साथ ही इन संस्थानों से पढ़कर बड़ी संख्या में डॉक्टर्स निकलेंगे। अब गरीब का बेटा और बेटी इन मेडिकल कॉलेजों में पढ़कर डॉक्टर भी बन पाएंगे। हमारी सरकार ने मेडिकल की पढ़ाई को भी मातृभाषा में कराने का रास्ता दिया है। अब यह नहीं होगा कि अंग्रेजी न जानने की वजह से किसी गरीब का बेटा, बेटी डॉक्टर न बन पाए, ये मोदी की गारंटी है।
पीएम बोले एक बात आपको बता रहा हूं साथियों याद रखना कि जब केंद्र में कांग्रेस सरकार थी तब 10 साल में राजस्थान को टैक्स की हिस्सेदारी के रूप में 1लाख करोड़ ही मिले थे, आज भाजपा ने पिछले 10 साल में राजस्थान को 4 लाख करोड़ पहुंचाए हैं। जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब राजस्थान को सेंट्रल ग्रांट में 50 हजार करोड़ दिए थे, हमारी सरकार ने डेढ़ लाख करोड़ से ज्यादा दिए हैं। जब से यहां कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से यहां विकास कार्यों में रोडे अटकाने का काम चल रहा है। मैंने राजस्थान की महिलाओं से घर तक पाइप से पानी पहुंचाने का वादा किया था, आज देशभर में 9 करोड़ से अधिक परिवारों तक पानी के कनेक्शन पहुंच चुके हैं। अनेक राज्यों में नल से जल देने का काम 100 फीसदी पूरा हो चुका है। राजस्थान हर घर जल योजना में बहुत पीछे चल रहा है, क्योंकि यहां की सरकार इस योजना को सही से लागू नहीं कर रही।
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत का मोदी पर पलटवार
जयपुर: पीएम ने गहलोत सरकार को घेरा तो इसके बाद लाभार्थी संवाद कार्यक्रम में सीएम गहलोत ने पलटवार कर दिया। पीएम को लाल डायरी नहीं, लाल टमाटर और राजस्थान में सस्ते लाल सिलेंडर की बात करनी चाहिए। पीएम मोदी के आरोपों पर गहलोत ने कहा कि चुनाव में जनता इन्हें लाल झंडी दिखाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में कहा कि अभी जो प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम हुआ, उसमें मुझे भाषण देने के लिए बोला गया था, लेकिन अचानक कल रात को मेरा भाषण हटा दिया गया। देश का जो संघीय ढांचा है, उसके तहत जो भी काम होते हैं, वह केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर करना होता है. और ये जो किया गया है, यह अच्छा नहीं है.



