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जयपुर: बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का करारा जवाब

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जयपुर: प्रदेश में अब बीजेपी-कांग्रेस खुलकर आमने सामने आ गए हैं। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने जयपुर से नहीं सहेगा राजस्थान अभियान का आग़ाज किया। जेपी नड्डा ने कांग्रेस पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि ये पार्टी एक परिवार की पार्टी है। ये जनता को लूटने वाली पार्टी है। जनता से झूठे वादे करके सत्ता में आने वाली पार्टी है।

सूबे की कानून व्यवस्था को आधार बनाते हुए नड्डा ने गहलोत सरकार पर खूब तंज कसे। रेप, लूट, डकैती, हत्या जैसे जघन्य अपराध रोकने में सूबे की सरकार कामयाब नहीं हो रही। कानून व्यवस्थान कांग्रेस सरकार के हाथ से निकल गई है। किसान कर्ज के बोझ तले अपनी जमीन गंवा रहा है और ये सरकार कर्जमाफी के जरिए किसानों को खुशियां देने की बात करती है।

तमाम बातों के बीच जेपी नड्डा ने यूपीए की नई फुल फॉर्म गढ़ दी। यू मतलब उत्पीड़न, पी मतलब पक्षपात और ए मतलब अत्याचार है। ये सरकार अब कुछ दिनों की मेहमान है, जनता ने इन्हें सबक सिखाने की ठान ली है।

इधर पीसीसी ने भी नड्डा और बीजेपी के तमाम नेताओं पर खूब तंज कसे हैं। चीफ डोटासरा ने कहा कि बीजेपी की तैयारियां फेल हो गई हैं। जनता इन्हें पसंद नहीं कर रही इसलिए इनसे दूरी बना ली है। बीजेपी के नेताओं में एकता है ही नहीं.. सब आपस में लड़ने में जुटे हैं। ये कभी एक नहीं हो सकते है। भाजपा के केन्द्रीय नेताओं की रैली में भी भीड़ जुटनी बंद हो गई है। जेपी नड्डा को यह जानकारी नहीं है कि राजस्थान में शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं को दिए जाने वाला पैकेज देश में सबसे बड़ा है और भाजपा नेता एवं सांसद द्वारा शहीद सैनिक के परिवार अथवा वीरांगनाओं को नौकरी दिलवाने की बजाए अन्य रिश्तेदार को नौकरी दिलवाने के लिए आंदोलन किया था, जिसका विरोध प्रदेश की असंख्य वीरांगनाओं ने किया था।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टोलरेंस पॉलिसी के तहत् एन्टी करप्शन ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए कलेक्टर, एस.पी. जैसे बड़े अधिकारियों के साथ 1750 से अधिक अपराधियों को जेल के सलाखों के पीछे पहुँचाया है। संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के विरूद्ध भी तत्परतापूर्वक कार्रवाईयां की गई। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के विगत् शासन में महिला उत्पीडऩ के अपराधों को दर्ज करवाने के लिए महिलाओं को न्यायालय का सहारा लेना पड़ता था, जिस कारण 35 प्रतिशत अपराध न्यायालय के आदेश से दर्ज होते थे जबकि राजस्थान के कांग्रेस शासन में प्राथमिकी दर्ज करना अनिवार्य है।

डोटासरा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनता को लुभाने एवं भ्रमित करने के लिए अपने केन्द्रीय नेताओं को राजस्थान में सक्रिय किया जा रहा है लेकिन एक भी केन्द्रीय नेता यह जवाब नहीं देता कि 13 जिलों की प्यास बुझाने वाली महत्वकांक्षी परियोजना ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता कितने भी प्रयास कर लें किन्तु राजस्थान की जनता प्रदेश में कांग्रेस की लोक कल्याणकारी सरकार द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों से संतुष्ट है ।आगामी चुनावों में प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी।

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