
“इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस FSIT-2023” का हुआ आग़ाज़, भारत की लोक संस्कृति पर होगा मंथन
जयपुर: राजस्थान विश्वविद्यालय, राजस्थान कॉलेज और इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च, नई दिल्ली संयुक्त रूप से विश्वस्तर के कार्यक्रम की शुरूआत कर दी है। इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस FSIT-2023 का आगाज़ गुरुवार को हो गया। 3 से 4 अगस्त तक चलने वाले कार्यक्रम को Folk Songs: The Soul of Indian Culture and the Impact of Technology थीम पर आयोजित किया जा रहा है। कांफ्रेंस की शुरुआत बतौर चीफ गेस्ट प्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी रहीं।

मालिनी अवस्थी ने अपने चिर परिचत अंदाज में लोक परंपराओं और लोक संस्कृति को सहेजने पर जोर दिया। उन्होंने ये भी समझाया कि हमारी पहचान हमारी लोक परंपराओं से ही होती है, ये जीवन शैली का हिस्सा हैं। लोक शैली में कहीं न कहीं एक देसी खुशबू है, तो अल्हड़पने का अहसास भी है। कॉन्फ्रेंस में लोक गीत-संगीत, लोक परंपराएं, लोक संस्कृति, लोक मत पर फोकस किया जाएगा। कार्यक्रम के जरिए भारत के महान वैज्ञानिक सी.वी. रमन को सच्ची श्रद्धांजलि प्रेषित की गई है। कार्यक्रम में तमाम दूसरे राज्यों से आए छात्र भी शामिल हो रहे हैं।

कार्यक्रम की चीफ गेस्ट लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी रहीं। तो मुख्य वक्ता के तौर पर राजस्थानी एडवाइज़री काउंसिल ऑफ साहित्य अकादमी की ओर पद्मश्री सी.पी देवल जी रहे। गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में पद्मश्री रामदयाल शर्मा, श्रीमती गुलाबो और डॉ. ज्योति किरण शुक्ला तो विशेष अतिथि के तौर पर आईपीएस विकास कुमार, प्रो. श्रीनिवासन अय्यर, प्रो. आर के सिंघल, प्रो. वंदना कल्ला और डॉ. सुमित्रा शर्मा को शामिल किया गया है। कार्यकम में प्रख्यात वक्ता के रूप में अजीत राय, प्रो. लावण्या कीर्ति, डॉ. राजेश केलकर, कुहू शुक्ला, डॉ. समीर डब्ले, विनोद जोशी और अमित ओझा अपने विचार साझा करेंगे।



