
छात्र शक्ति का राजस्थान विश्वविद्यालय में दिखा नज़ारा… कुलपति के गुमशुदा होने का छात्रनेता और समर्थकों ने लगाया पोस्टर… शांति पूर्ण ढंग से श्री राम धुन गाकर किया प्रदर्शन
जयपुर: अभी सावन का महीना चल रहा है, शिवालयों में भक्ति का संचार दिखाई पड़ रहा है। हर तरफ बम भोले या फिर जय श्रीराम के नारे लग रहे हैं। लेकिन मंगलवार को राजस्थान विश्वविद्यालय के भीतर छात्रनेता हरफूल चौधरी के नेतृत्व में प्रदर्शन के बाद वीसी दफ्तर के बाहर बैठे छात्र जब राम धुन गाने लगे तो माहौल ही बदल गया। हाथों में फूल, चेहरे पर मुस्कान लिए सभी छात्र एक सुर में ‘रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम’ भजन गाते रहे।
हिंसा से दूर शांति पूर्ण तरीके से अपनी मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखने की कोशिश छात्रों ने की। कुलपति के प्रति छात्रों का गुस्सा भी दिखाई पड़ा, लेकिन सभी ने अपनी अनुशासन बनाए रखा। कुलपति गुमशुदा हो गए हैं, ऐसे बैनर, कटआउट, हैंडीज़, स्टैंडीज़ लिए ये छात्र प्रदर्शन करते रहे। सभी के हाथों में फूल का पौधा था, यानि अपनी बातों को सही ढंग से प्रस्तुत किया जा सके। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से शुरू होकर ये छात्र संग्राम मुख्य द्वार पर पहुंचा। ढोल नगाड़ों की थाप पर ये छात्र नारेबाज़ी करते हुए आगे बढ़ते रहे।
नहीं मिले वीसी साहब, सिंडिकेट सदस्य को सौंपा ज्ञापन
वीसी साहब छात्रों की बातों का संज्ञान नहीं ले रहे, न ही वो शिक्षकों से मिल रहे हैं, इन्हीं तमाम बातों की वजह से परेशान छात्र और शिक्षक दोनों एक साथ धरने पर बैठ गए। गुमशुदा की तलाश वाले बैनर, पोस्टर के जरिए छात्रों ने अपनी बात वीसी के कानों तक पहुंचाने की कोशिश की है।
इतना ही नहीं तककि कुलपति नदारद मिले तो सिंडिकेट सदस्य को गीता पे हाथ रखवा के ज्ञापन छात्र नेता ने ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए छात्र नेता ने अपनी तमाम मांगे विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखी हैं। छात्रों के हितों से जुड़ी तमाम बातों पर क्या कुछ फैसले लिए जाएंगे ये देखना होगा
हरफूल चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने क्या मांगे रखीं ?
- वॉर्डन व प्रोफेसरो के रिक्त पद भरे जाएं
- गर्ल्स हॉस्टलों में सैनिटरी नैपकिन मशीन लगवायी जाए
- छात्रावासों में कमर्शियल वाशिंग मशीन लगवायी जाए
- सीसीटीवी लगवाए जाएं, साथ ही हर डिपार्टमेंट के बाहर गार्ड तैनात किए जाए
- 24×7 कैंटीन की व्यवस्था हो
- मेडिकल परामर्श की व्यवस्था हो
- रिवेल के नाम पर छात्रों द्वारा वसूली जा रही फीस बन्द हो
- डिपार्टमेंट वाइज कल्चरल सोसाइटी गठित हो
- एकेडेमिक स्टूडेंट्स टूर करवाये जाएं
- हॉस्टलों में कल्चरल प्रोग्राम करवाये जाएं
- सुरक्षा के लिए मुख्य द्वार पर बैरियर लगवाया जाए
- विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विद्याथियों से संवाद किया जाए
- कैम्पस में पिंक ई-रिक्शा चलवाया जाए
- कैम्पस में ई-मित्र की सुविधा करवाई जाए
- प्रवेश परीक्षा समय पर हो व परिणाम समय पर जारी हों
- एडमिशन कॉउंसिल सेल बनाई जाए
- हर महीने गर्ल्स हॉस्टल में सेल्फ डिफेंड कैम्प लगवाया जाए
- गर्ल्स ब्यूटी पार्लर ओपन करवाया जाए
- छात्रों की कॉशन मनी वापिस दी जाए
- डिजिटल लाइब्रेरी का समय बढ़ाया जाए
फिलहाल मौसम चुनावी है। तमाम छात्र नेता अपने साथ छात्र शक्ति भी दिखाना चाहेंगे। साथ ही अपनी दावेदारी का माहौल भी बनाना चाहेंगे। वीसी को लेकर छात्रों में इस कदर रोष है, कि हर छात्र संगठन और छात्र नेता यही कह रहा है कि कुलपित की ओर से कभी भी छात्रों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। न ही कुलपित छात्रों से मिलते हैं। शायद यही बड़ी वजह रही है कि छात्रों ने कुलपति की फोटो के साथ गुमशुदा की तलाश है वाले पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। कुलपति के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन जाहिर है कि अनुशासन हीनता की श्रेणी में रखा जाएगा, लेकिन जब कुलपति की ओर से छात्रों से मुलाकात का कोई टाइम दिया ही न जाए तो दूसरा विकल्प छात्रों के सामने कोई बचता है क्या.. ये सवाल भी काफी अहम है, फिलहाल देखना ये होगा कि कि यूनीवर्सिटी प्रशासन प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं और इनका साथ देने वाले छात्रों के प्रति क्या कदम उठाता है।






