
श्री राम कथा अमृत महोत्सव में छठे दिन रही श्री राम-जानकी विवाह की धूम… आतिशबाजी और राममय संगीत पर झूम उठे राम भक्त
राम सीय सुंदर प्रतिछाहीं, जगमगात मनि खम्भन माही

लखीमपुर: हरि नाम वाटिका में चल रही श्रीराम कथा में कथा व्यास रमेश भाई शुक्ल जी श्री रामचरित मानस के विभिन्न प्रसंगों का सजीव वर्णन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने छठे दिन जब प्रभु श्रीराम के विवाह का वर्णन किया, तो मानो पूरा पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा हो।
लोग झूम झूम कर भजन गाने लगे। ढोलक की थाप पर विवाह गीत गाते हुए प्रभु श्रीराम और माता जानकी के विवाह के प्रसंग का आनन्द लेते दिखे। इससे पहले श्री राम कथा के पांचवें दिन सुबह श्री राम नाम जागरण मंच के अध्यक्ष आचार्य निर्मल शास्त्री ने आए हुए श्रद्धालुओं को रुद्राभिषेक कराया। सुबह आठ बजे से नौ बजे के बीच रुद्राभिषेक के बाद शुरू हुए हवन में आहुतियां भी डलवाईं। इस दौरान पूरा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा नजर आया और वैदिक मंत्रोचार से पंडाल गूंजता रहा।

सुबह से लेकर शाम तक असंख्य श्रद्धालुओं का आवागमन होता रहा। इस दौरान भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने वालों में कोर टीम के सदस्य युवराज शेखर, प्रतिष्ठित व्यवसाई संजय अग्रवाल, जुगल पोद्दार, पीयूष पोद्दार, तनमय शेखर, चेतन शेखर, श्याम जी शेखर, रामजी शेखर, आलोक शुक्ला, रवी गर्ग, अनिल गुप्ता, स्वरूप नारायण धवन, कन्हैया धवन, करन धवन, अर्जुन धवन अपने पूरे परिवार के साथ मौजूद रहे।
श्री राम कथा मित्र मंडली के कोर टीम के सदस्य और प्रवक्ता युवराज शेखर के मुताबिक कथा व्यास रमेश भाई शुक्ल ने बताया कि जिस प्रकार से हिमराज ने माता पार्वती को शिव को सौंपा, उसी प्रकार से जनक जी ने माता सीता को प्रभु श्रीराम को सौंपा।
हिमवंत जिमि गिरिजा महेसहिं, हरिहिं श्री सागर दई।
तिमि जनक सिय रामहिं समरपी, बिस्व कल कीरति नई।
प्रभु श्रीराम व माता सीता के विवाह में फेरों का वर्णन करते हुए कथा वाचक रमेश भाई शुक्ल ने बताया कि –
क्यों करैं बिनय बिदेहु कियो, बिदेहु मूरति सांवरी।
करि होम विधिवत गांठ जोरि पड़न लागी भांवरी।
युगल छवि का दर्शन करने के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालु पंडाल में उमड़ पड़े। रघुनाथ जी की भक्ति में सभी झूम कर नाचे। हर कोई विवाह का आनंद ले रहा था। मानो ऐसा लग रहा था, कि दो परिवार मौजदू हों। एक तरफ जानकी जी का परिवार तो दूसरी तरफ रघुकुल वंशी प्रभु श्री राम, उनके भाई और परिवारजन। विवाह की छटा ने सबको निशब्द कर दिया। हर कोई युगल छवि को देखकर मोहित हो रहा था। हर कोई मानो त्रेता युग में ही पहुंच गया हो, ऐसा माहौल बन गया था।
इसके अलावा प्रभु श्रीराम की खूबसूरत जोड़ी का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने बताया कि श्रीराम और माता सीता की सुंदर छाया मणि के खंभों में जगमगा रही हैं।
राम सीय सुंदर प्रतिछाहीं, जगमगात मनि खम्भन माही।
कथा व्यास रमेश भाई शुक्ल का भजन लोगों के दिलों को छू गया-
आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया… चारो दुलहा में बड़का कमाल सखिया…
इस अवसर पर प्रभु श्रीराम की आरती करने वालो में प्रमुख रूप से ज्ञान स्वरूप शुक्ला, आचार्य संजय मिश्र, राम पाण्डेय, सूर्य मणि मिश्र, विधायक योगेश वर्मा, राजू अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, रवि गर्ग, कन्हैया धवन, अजय भल्ला, भगवती अग्रवाल, विनोद चोपड़ा, धर्म चंद जैन, संजय अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, गोपी गुप्ता, संदीप मिश्रा, युवराज शेखर, देवव्रत पांडेय, निजम शुक्ला, डॉ. डी एन मालपानी, शिवकांत मिश्रा, कपिल श्रीवास्तव रहे।
जबकि महिला टीम से श्वेता अग्रवाल, रति शेखर, रूपाली शेखर, अनीता शेखर, संगीता शेखर, रितु अग्रवाल, अंजीता गर्ग, ऋचा अग्रवाल, रीना शर्मा, आरती अग्रवाल, संगीता अग्रवाल, रश्मि महिंद्रा, कविता शेखर, गरिमा पोद्दार, चंचल अग्रवाल, गुंजन अग्रवाल, मधु अग्रवाल, लता अग्रवाल, निधि अग्रवाल, नीरज मिश्रा, दिव्या शर्मा, उमा पोद्दार आदि शामिल रहे।
विवाहोत्सव के दिन श्री राम चरित पर हुआ काव्य पाठ
श्री राम कथा अमृत महोत्सव के छठे दिन श्री राम-जानकी विवाहोत्सव के दिन काव्य पाठ आयोजित किया गया। श्री राम चरित विषय पर हुए कविता पाठ में तमाम कवियों ने हिस्सा लिया। देर रात तक ये कार्यक्रम चलता रहा। प्रभु श्री राम के जीवन दर्शन पर एक से एक काव्य लहरियाँ सुनाई पड़ीं।






