
बाघों पर आई वन एवं पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की रिपोर्ट… भारत में 3,167 से बढ़कर 3,925 हुए टाइगर
दिल्ली: 29 जुलाई दुनियाभर के लोगों को ये जाहिर करती हैं, कि हम धरती के सबसे तेज़ शिकारी को कितना संरक्षण दे पाए हैं। जी हां बात दरअसल ये है कि हर साल 29 जुलाई को वर्ल्ड टाइगर डे मनाया जाता है। ये दिन बाघों की घटती संख्या को नियंत्रण में रखने और लोगों को जागरूक करने के तौर पर जाना जाता है। भारत भी इस दिन खुद को और गौरवान्वित इसलिए मानता है, क्योंकि ये उस जीव का दिन है, जो भारत का राष्ट्रीय पशु है, यानी टाइगर।
तो चलिए आपको एक और खुशखबरी इस बात की भी दे देते हैं, कि भारत में टाइगर की संख्या में इज़ाफा हुआ है। बाघों पर आई वन एवं पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की रिपोर्ट कहती है कि भारत में बाघों की संख्या 3,167 से बढ़कर 3,925 हो गई है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से ये रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट ‘स्टेटस ऑफ़ टाइगर्स: को-प्रेडेटर्स एंड प्रे इन इंडिया-2022’ के मुताबिक़, देश में बाघों की सबसे ज्यादा संख्या एमपी में है, इसके बाद कर्नाटक और उत्तराखंड का नंबर आता है, जहां क्रमश: 563 और 560 बाघ हैं।
एक वक्त था कि बाघों की संख्या इतनी कम थी कि चर्चा इस बात की भी शुरू हो गई थी, कि कहीं ये विलुप्त होने की कगार पर न चली जाए, लेकिन सरकारों के प्रयास तमाम संस्थाओं की मेहनत का ही असर है कि बीते 50 सालों में बाघों की संख्या 268 से 3925 तक पहुंच पाए हैं। वैसे ये अनुमानित संख्या है, लेकिन अगर औसत के हिसाब से देखें तो टाइगर गणना 3,682 है। इस आंकड़े के हिसाब से भारत में बाघों की संख्या में इस साल 6.1 फीसद का इज़ाफा हुआ है। हर चार साल पर होने वाली जनगणना के हिसाब से देखा जाए तो ये संख्या अच्छे संकेत दे रही है।
भारत में इस वक्त कुल 54 टाइगर रिज़र्व हैं। मध्य प्रदेश में वर्तमान में सबसे ज्यादा 6 टाइगर रिजर्व हैं, लेकिन जल्द ही 7वां टाइगर रिजर्व बनाने की तैयारी चल रही है। कान्हा किसली और बांधवगढ़ राष्ट्रीय स्तर की पहचान वाले टाइगर रिजर्व हैं। बात अगर उत्तर प्रदेश की करें तो यहां 4 टाइगर रिजर्व बन चुके हैं। दुधवा, पीलीभीत और अमनगढ़ के बाद चित्रकूट के रानीपुर में टाइगर रिजर्व बनाया गया था। इस गणना के हिसाब से यूपी में बाघों की संख्या बढ़कर 205 हो गई है। पिछली गणना से 18 फीसद का इज़ाफा देखने को मिला है।
लखीमपुर खीरी जिले में बाघों की संख्या ने खुशखबरी दी है। खीरी में भी बाघों की आबादी में रिकार्ड बढ़ोतरी हुई है। 107 बाघ 2018 की बाघ गणना से 43% बढ़कर हुई संख्या 153 (2022) हुई। दुधवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंदर भी शानदार रिकार्ड 2018 के 82 बाघों के मुकाबले 2022 में हुए 135 बाघ दर्ज किए गए हैं। करीब 64% की बढ़ोतरी जो देश के किसी भी टाइगर रिजर्व में सबसे ज्यादा है।





