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जयपुर: अम्मा के स्वागत के लिए तैयार है मरुधरा, 28 जुलाई को आने का है कार्यक्रम, 3 दिन रहेंगी

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जयपुर: आगामी 28 जुलाई को माता अमृतानंदमयी पिकं सिटी आ रही हैं। माता अमृतानंदमयी यानी कि अम्मा यहां 3 दिनों तक रहेंगी। जानकारी के मुताबिक अम्मा का पिंकसिटी दौरा जी-20 को लेकर लगा है। उनके समूह से जुड़े मुख्य लोग जयपुर आ चुके हैं। मंगलवार को स्वामी जी ने होटल आमेर क्लार्क की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। राजधानी के होटल आमेर क्लार्क में ही अम्मा के ठहरने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का अम्मा से मिलने का कार्यक्रम है, लेकिन सीएम गहलोत पैर में चोट की वजह से इनदिनों कहीं आने-जाने से बच रहे हैं।

अम्मा के आगमन की तैयारियों के लिए स्वामी जी पहुंचे जयपुर के होटल आमेर क्लार्क

अम्मा को मानने वाले लोग दुनियाभर में हैं। कहा जा रहा है कि 29 से 31 जुलाई के बीच जयपुर में उनके भक्तों को अम्मा के दर्शनों का लाभ मिल सकता है। कई वीआईपी अम्मा के दर्शनों के लिए पहुंचेंगे। अम्मा की संस्था आयुध, जयपुर के कॉर्डिनेटर कुश कुमार शर्मा ने ये तमाम जानकारी पीएमएफसी न्यूज़ के साथ साझा की है। केरल से अम्मा की टीम के कुछ सदस्य जयपुर आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि अम्मा की संस्था की ओर से किए जाने वाले तमाम कामों को अब दक्षिण भारत के साथ-साथ पश्चिम भारत के इलाकों में भी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वैसे अम्मा की टीम हर साल राजस्थान आकर यहां सामाजिक गतिविधियों को अंजाम देती है। ये भी कहा जा रहा है, कि अममा जयपुर में कुछ अहम जगहों पर विशेष सत्र में हिस्सा भी ले सकती हैं। युवा पीढ़ी, छात्रों को भी अम्मा का सानिध्य मिल सकता है।

मरुधरा अम्मा के स्वागत के लिए पलक पांवड़े बिछाकर इंतजार कर रही है। कार्यक्रम की तमाम जानकारी मीडिया से साझा की जाती रहेगी, ताकि आम लोगों तक ये जानकारी पहुंच सकेगी।

कौन हैं माता अमृतानंदमयी जी ?

माता अमृतानंदमयी जी, जिन्हें सभी ‘अम्मा’ के नाम से जानते हैं। उनको मानने वाले उन्हें अम्माची या मां कहकर पुकारते हैं। अम्मा को मानने, उनको पूजने वाले, उनको प्यार करने वाले सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में हैं. अम्मा को उनके मठ की ओर से किए गए सामाजिक कार्यों (स्कूल खुलवाना, अस्पताल बनवाना आदि) की वजह से जाना जाता है.

नि:स्वार्थ, निष्छल प्रेम और करुणा से माता अमृतानंदमयी मां की पहचान होती है। उनको मानने वालों का कहना है कि उन्होंने अपना जीवन गरीबों और पीड़ितों की सेवा आम जन के आध्यात्मिक उद्धार के लिये समर्पित किया है. केरल के एक सामान्य परिवार में जन्मी अम्मा ने 5 साल की उम्र से कृष्ण भक्ति में समय देना शुरू कर दिया था और वे भगवान में लीन हो गईं.

ये भी जानें-
पिछले साल ही पीएम मोदी और माता अमृतानंदमयी का एक वीडियो बहुत वायरल हुआ था, जिसमें पीएम मोदी ने उनके पैर छूकर उन्हें प्रणाम किया था। पीएम मोदी फरीदाबाद में माता अमृतानंदमयी मठ की ओर से संचालित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने पहले जूते उतारे, फिर माता को माला पहनाकर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। इस वजह से सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री की बहुत तारीफ भी हुई थी।

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