
जयपुर: जहां प्रदेश में विधानसभा चुनाव की दस्तक हो चुकी है, वहीं छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मियां भी दिख रही हैं। ग्रीन यूनिवर्सिटी क्लीन यूनिवर्सिटी कहने वाले नेताओं के नाम से दीवारें लाल होने लगी हैं। जगह जगह चिपके पोस्टरों को यूनिवर्सिटी प्रशासन की कड़ाई के बाद हटाया गया। इधर छात्र संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने छात्रों के बीच माहौल बनाना शुरू कर दिया है, छात्रों को लुभाने का कोई मौका छात्र नेता इस बार नहीं छोड़ना चाहेंगे।
एबीवीपी हो या एनएसयूआई दोनों अपनी जोर आजमाइश करते हुए नज़र आएंगे, लेकिन इस बीच पढ़ने वाले छात्रों का कोई अहित न हो, इसके लिए भी यूनिवर्सिटी प्रशासन पूरी तरह से सजग है। हर गतिविधि पर नज़र रखी जा रही है। पिछले चुनाव के रिजल्ट निर्दलीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद दोनों बड़े छात्र संगठनों को एक सबक तो मिला था, कि अगर छात्रों के हितों की बात नहीं की तो जीत हाथ से निकल जाएगी, लिहाज़ा इस बार कोई भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। इधर आरयू प्रशासन है कि हर तरीके से छात्र हितों का ख्याल रखने की कोशिश में लगा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन व पुलिस प्रशासन के अलावा छात्र प्रतिनिधियों के साथ 20 जुलाई को संवाद बैठक रखी गई है। विश्वविद्यालय के सिंडिकेट हॉल में ये बैठक दोपहर 3 बजे प्रस्तावित है।
दूसरी तरफ राजस्थान यूनिवर्सिटी RUSU छात्र प्रतिनिधि और विद्याथियों के बीच भी 20 जुलाई को विवेकानंद पार्क में शाम 4 बजे रखी गई है।
इधर शोध छात्र प्रतिनिधि के कार्यालय सीज के आदेश के बाद भी यूनिवर्सिटी प्रशासन सुस्त नजर आ रहा था। सीजर कार्रवाई करने को लेकर दोपहर 2 बजे शुरू हुई बैठक शाम को 6 बजे तक चलती रही। आखिरकार आदेश के बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी शोध छात्र प्रतिनिधि रामस्वरूप ओला का कार्यालय सीज कर दिया गया। फिलहाल देखना होगा कि आगामी दिनों में और क्या कुछ तस्वीरें आरयू में छात्रसंघ चुनाव के मद्देनजर दिखाई पड़ती हैं।





