
जयपुर: सूबे की कानून व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी भी कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। आप के प्रदेश अध्यक्ष ने नवीन पालीवाल ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था अपने आखिरी स्टेज पर है, जहां न तो अधिकारी किसी की सुनते हैं और न ही अपराधियों में पुलिस का खौफ है। प्रदेश में अपराधी बेखौफ होकर लगातार जघन्य अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। सरकार औऱ प्रशासन हमेशा की तरह ही अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आते हैं।
पालीवाल ने कहा कि प्रदेश में जिस तरह से दलित युवतियों और महिलाओं के साथ अपराध बढ़ रहा है, वो बड़े शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि जोधपुर में दलित किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म, करौली के हिंडौन कस्बे में दलित समाज की 18 वर्षीय बेटी के साथ गैंगरेप के बाद गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई, ऐसी तमाम घटनाएं रोज़ सामने आ रही हैं, जो कि चिंता का विषय है। नवीन पालीवाल ने कहा कि दलितों के साथ हो रहे अपराध सरकार के लिए भले ही एक आंकड़ा हो, लेकिन आज राजस्थान में दलितों के साथ हो रहे अपराधों को पूरा देश देख रहा है।
नवीन पालीवाल ने कहा कि सीएम अशोक गहलोत ने ‘प्रशासन गांवों के संग’ और ‘प्रशासन शहरों के संग’ नाम के अभियान चलाए, इतना ही नहीं इन अभियानो के जरिए लोगों का प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ाने के लिए जगह-जगह होर्डिंग भी लगवाए, लेकिन करौली के बालघाट थाने में जब एक दलित महिला अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत लेकर पहुंची और बेटी को ढूंढने की बात कही तो पुलिसकर्मियों ने पीड़ित महिला के साथ दुर्व्यवहार किया। अगले ही दिन दलित युवती का शव मिला और उसके साथ रेप के बाद हत्या की बात सामने आई जो कि मुख्यमंत्री के अभियान की पोल खोलता है।
बीजेपी अब चुनावी फायदा लेने जुटी
नवीन पालीवाल ने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जोधपुर में दलित किशोरी के साथ सामूहिक रेप जैसा जघन्य अपराध होता है लेकिन जोधपुर से सांसद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सिर्फ ट्वीट किया, इसी से पता चलता है कि बीजेपी भी आपराधिक घटनाओं को लेकर गंभीर नहीं है। पालीवाल ने कहा सरकार पर नकेल कसने के लिए एक मजबूत विपक्ष होना जरूरी होता है, लेकिन अफसोस राजस्थान में विपक्ष तो है लेकिन वो अपने कर्तव्य को भूल गया है।
आप के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि अगर बीजेपी शुरू से ही कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमलावर रहती तो आज सरकार भी गंभीरता दिखाती, लेकिन बीजेपी ने पिछले साढ़े चार से भ्रष्टाचार समेत हर मुद्दे पर सरकार का मौन समर्थन किया है। अब चुनाव के समय सियासी फायदा लेने के लिए बीजेपी मैदान में उतरी है। इतना ही नहीं बीजेपी अब लोगों को गुमराह करने में जुटी है।



